जगदलपुर । जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर एक अनोखी पहल की गई। नर्सिंग और एमबीबीएस छात्रों ने पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए यह बताया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का अति प्रयोग किस तरह हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत को प्रभावित कर रहा है। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से यह दिखाया कि आज बच्चे से लेकर बड़े तक मोबाइल की दुनिया में इतने डूब चुके हैं कि असल जीवन से उनका रिश्ता कमजोर होता जा रहा है।
एमबीबीएस छात्रा आयुषी चौधरी ने बताया कि आज के समय में बच्चे फोन के इतने आदि हो गए हैं कि खेलकूद और सामाजिक जीवन से उनका नाता टूटता जा रहा है। इससे उनकी आंखों और मानसिक विकास पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उनके साथ समय बिताएं और उन्हें आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। मेकाज डीन डॉ. प्रदीप बेक ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि पोस्टर के जरिए एक गहरा संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हम जितना अधिक समय स्क्रीन पर बिताते हैं, उतना ही हमारी आंखों और मानसिक शांति पर असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हमें क्या अपनाना है और क्या छोड़ना है इस संतुलन को समझें। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नाटक भी प्रस्तुत किया, जिसमें सोशल मीडिया के अंधाधुंध उपयोग से होने वाले नुकसान को दिखाया गया। नाटक ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि किस तरह वर्चुअल दुनिया हमें असल जिंदगी से दूर ले जा रही है। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने बताया कि वे अपने बनाए पोस्टर और संदेशों पर आधारित एक शॉर्ट वीडियो तैयार कर उसे यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड करेंगे, ताकि समाज में डिजिटल संतुलन को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके।
*वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर संदेश – सोशल मीडिया की लत से बचें, जीवन से जुड़ें!*