नक्सल संगठन की वर्तमान स्थिति…क्या मार्च 2026 से पहले ही खत्म हो जाएगा नक्सलवाद…..

जगदलपुर । बस्तर में बीते 5 दशकों से नक्सलवाद काबिज था और इन 5 दशकों में नक्सली लगातार मजबूत होते हुए नजर आए है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण नक्सलियों की बढ़ती संख्या मान लो या उनके द्वारा बेधड़क किए गए हमले जिसमें सैकड़ों जवानों की शहादत हुई या बस्तर के साथ लगे हुए क्षेत्रों में नक्सल संघटन की बढ़ती दहशत हो……इन 5 दशकों में नक्सलियों पर लगाम लगाने कई बार प्रयास किए गए पर वो सारे प्रयास असफल होते रहे पर अब जब केंद्र सरकार ने खुद नक्सलवाद के सफाई का जिम्मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों सौंपा जिसके बाद अमित शाह ने बस्तर वासियों से वादा किया कि मार्च 2026 तक बस्तर से शास्त्र नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर देंगे हालांकि बस्तर में इस दावे को बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था और लम्बे समय से चल रहे नक्सल संगठन के दहशत को इस तरह पूरा खत्म करना संभव भी नजर नहीं आ रहा था पर 2024 की शुरुवाद से ही जैसे जवानों ने अपनी रणनीति बदली और साल भर में ऐतिहासिक सफलता हासिल की जिसके बाद अमित शाह के दावे पर लोगों को यकीन होने लगा और अब 2025 में भी जवानों के बढ़ते दबाव का ही असर है जो नक्सल संगठन के बड़े बड़े नामों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ना सही समझा …….आलम ये है अब की नक्सल संगठन में जहां पहले सैकड़ों लोग जुड़कर संघटन को मजबूती से चला रहे था और कुछ ही लोग संघटन में बचे है….जैसे 14 पोलित ब्यूरो में से महज 3 पोलित ब्यूरो मेंबर बचे है जिनके नाम है देवजी, गणपति, मिसिर बेसरा तो वहीं 32 सीसी मेंबर में से महज 3 सीसी मेंबर बचे है जिनके नाम संग्राम, गणेश वीके, अनल दा और दंडकारण्य इलाके में बरसे देवा और पापा राव सहित 16 डीवीसी ही बचे है साथ ही नक्सलियों के बटालियन में महज 150 लड़ाके ही बचे होने की खबर है जिसमें एक समय सैकड़ों की संख्या में लड़ाके हुआ करते थे ……बस्तर आईजी संदरराज पी ने बचे हुए नक्सलियों से भी अपील की है कि जल्द नक्सल विचारधारा छोड़ मुख्य धारा से जुड़े और सरकार की पुनर्वास नीति का फायदा उठाए वरना उनके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी…..

Share :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *