जगदलपुर । जगदलपुर शहर के संजय गांधी वार्ड स्थित रेलवे कॉलोनी के बीच बसी बस्ती पर रेलवे प्रशासन ने तोड़ने का फरमान जारी किया है। इसी आदेश के तहत 11 अक्टूबर को 32 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि कांग्रेस पदाधिकारियों और महापौर के हस्तक्षेप से मामला फिलहाल थम गया है। महापौर ने वाल्टेयर रेल मंडल के डीआरएम से चर्चा कर दीपावली तक राहत की मांग की थी, जिसके बाद रेलवे ने 20 दिनों की मोहलत दी है। इस अवधि के बाद बाकी बचे घरों पर दोबारा बुलडोजर चलाने की तैयारी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में करीब 200 घर बनाए गए हैं, जिन्हें रेलवे ने अवैध घोषित किया है। अब रहवासी परिवार सरकार से वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं। पीड़ित महिला ने कहा हम यहां पांच पीढ़ियों से रह रहे हैं, जब रेलवे स्टेशन भी नहीं बना था, तब से हमारा घर यहीं है। हमें न अटल आवास मिला, न पीएम आवास। अब अगर ये घर टूटे तो हम सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने आगे कहा जनप्रतिनिधि वोट मांगने आते हैं, लेकिन हमारी तकलीफों से मुंह मोड़ लेते हैं। जब तक हमें रहने की दूसरी जगह नहीं दी जाती, तब तक हम कहीं नहीं जाएंगे। मर भी जाएंगे लेकिन घर नहीं छोड़ेंगे। प्रभावित परिवारों ने नगर निगम पहुंचकर घेराव किया और एक ही मांग रखी हमें वैकल्पिक घर दिया जाए, तभी हम यह जगह खाली करेंगे। अधिकांश परिवार दिहाड़ी मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं, ऐसे में अगर घर टूटे तो उनके सिर से छत ही नहीं, उनका सहारा भी छिन जाएगा।
बारिश के इस मौसम में जब हर घर दीवाली की तैयारी में है, वहीं ये परिवार अपने आशियाने बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं।
*जगदलपुर की रेलवे कॉलोनी पर फिर मंडराया बुलडोजर का साया, 20 दिनों मिली मोहलत “पहले घर दो, फिर हटाओ” रहवासियों की गुहार*